नशा विरोधी दिवस पर CRPF ने निकाली जागरूकता रैली, नशामुक्ति का बुलंद किया नारा
के. शंकर @ सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 26 जून अन्तर्राष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में सीआरपीएफ द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई और ग्रामीणों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया।
दोरनापाल स्थित सीआरपीएफ 223वीं वाहिनी के कमांडेंट रघुवंश कुमार के निर्देशन और डिप्टी कमांडेंट लोकेश कुमार, डॉक्टर संतोष कुमार की मौजूदगी में बटालियन के हेडक्वार्टर से अधिकारियों व जवानों ने रैली निकाल कर लोगो को नशा से होने वाले दुष्परिणाम के प्रति जागरूक करने के साथ नशा से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर डिप्टी कमांडेंट लोकेश कुमार ने लोगो को नशे होने वाली हानि के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नशा करने वाला व्यक्ति हमेशा चिढ़ा हुआ और मानसिक तनाव से ग्रसित होता है। नशा करने वाला व्यक्ति आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक तौर से कमजोर होता है।
नशा, एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तम्बाकू एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है।
मादक पदार्थों के सेवन से सबसे बड़ी हानि, स्वास्थ्य की हानि है। इससे इंसान के शरीर के कई अंगों पर एक साथ विपरीत असर पड़ता है। नशीले प्रदार्थ के सेवन से युवा वर्ग के साथ बच्चे और महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है। इससे बचने की जरूरत है।
नशे की लत ने इंसान को उस स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब व्यक्ति मादक पदार्थों के सेवन के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। वह नशे के लिए जुर्म भी कर सकता है। नशे के मामले में महिलाएं भी पीछे नहीं है। महिलाओं द्वारा भी मादक पदार्थों का बहुत अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है।
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