अनोखी भक्ति : आंखों में पट्टी बांधकर मां दंतेश्वरी के दर्शन को पहुंची एक भक्त… पंचमी पर शक्तिपीठ में उमड़ा आस्था का जन सैलाब
दंतेवाड़ा @ खबर बस्तर। शारदीय नवरात्र की पंचमी पर बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा। शुक्रवार की सुबह से ही मांईजी के दर्शन को भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
इस साल पदयात्रियों की संख्या भी लाखों में रही। दूर-दूर से माता के भक्त पैदल चलकर दंतेवाड़ा पहुंचते रहे। इनमें दर्जनों श्रद्धालु ऐसे भी थे जो अपनी मन्नत की वजह से घुटनों के बल चलकर शक्तिपीठ तक पहुंचे थे।
जगदलपुर आड़ावाल की रहने वाली सुनीता कश्यप भी मां दंतेश्वरी की अनन्य भक्तों में से एक है। वह अपनी आंखों में पट्टी बांधकर तीन दिनों तक पैदल चलकर दंतेवाड़ा पहुंची थी।
सुनीता ने बताया कि उसकी मां बहुत बीमार थी। उसने अपनी बीमार मां के स्वस्थ होने की मन्नत मांगी थी। ऐसा होने पर दंतेश्वरी माता के दर्शन करने आंख में पट्टी बांधकर पैदल आने का उसने प्रण लिया था।
इसी मन्नत को पूरा करने वह अपने आंखों पर पट्टी बांधकर माता के दरबार में हाजिरी देने पहुंची। सुनीता ने बताया कि उसकी मां अब स्वास्थ हो गई हैं।
इसलिए अब दर्शन करने पहुंची है। उसका कहना था कि वह अपनी आंखें मां दंतेश्वरी के सामने ही खोलेगी।
बता दें कि पिछले दो साल से कोरोना महामारी के चलते शारदीय नवरात्र पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन इस बार तमाम पाबंदियों के हटते ही भक्तों का रेला शक्तिपीठ में उमड़ने लगा है।
दूर-दराज से बड़ी संख्या में पदयात्री श्रद्धालु दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं। इनमें कई श्रद्धालु ऐसे भी हैं, जो माता का आशीर्वाद पाने शक्तिपीठ का रास्ता घुटनों के बल चलकर तय कर रहे हैं।
तकलीफें सहकर पहुंच रहे शक्तिपीठ
गुरूवार को दर्जनभर से ज्यादा भक्त ऐसे दिखे, जो माता से मन्नत मांगने इस तरह तकलीफें सहकर मंदिर पहुंचे थे। इनमें से कोई अपनी मन्नत पूरी होने के बाद मां को कृतज्ञता प्रकट करने आ रहा है, तो कोई मन्नत मांगने अपने शरीर को कष्ट देकर माता के दरबार में हाजिरी लगा रहा है।

घुटने के बल चलकर दंतेवाड़ा पहुंचे देवाशीष मजूमदार, रवि यादव, राहुल दास, रमेश घोष और हरेंद्र ठाकुर ने बताया कि वे गीदम से घुटने पर आ रहे हैं। मंगलवार की शाम वे गीदम से निकले थे। बारिश की वजह से कारली पुलिस लाइन में उन्हें रूकना पड़ा।
रास्ते में जगह-जगह विश्राम के बाद उनकी टोली गुरूवार की सुबह दंतेवाड़ा पहुंची। राहुल दास ने बताया कि वे पिछले दो साल से माता के दर्शन को इसी तरह आ रहे हैं।
राहुल ने बताया कि घर की एक परेशानी को लेकर उन्होंने मां दंतेश्वरी से मन्नत मांगी थी, जिसके पूरा होने पर वे घुटने पर चलकर शक्तिपीठ पहुंच रहे हैं।
सोनारपाल चपका के रहने वाले बुधराम कश्यप भी घुटने पर चलकर दंतेवाड़ा पहुंचे। वे पिछले 3 साल से ऐसा कर रहे हैं।
चपका से वे गीदम तक पैदल चलकर पहुंचे फिर वहां से दंतेवाड़ा का रास्ता घुटनों पर तय किया। उनके साथ कृष, अस्तु कश्यप और बेनु ठाकुर सहयोगी के रूप में चल रहे थे।
सुविधा केन्द्रों की कमी
बता दें कि शारदीय वनरात्र पर मां दंतेश्वरी मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या पदयात्रियों की होती है। पदयात्री श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा जगह-जगह पर सुविधा केन्द्र बनाए गए हैं। लेकिन पदयात्रियों की संख्या के लिहाज से ये कम पड़ रहे हैं।
पदयात्रियों का कहना है कि रास्ते में उन्हें लघुशंका और टाॅयलेट की दिक्कत हो रही है। इसके अलावा कोई खास परेशानी नहीं है।

इधर, नवरात्रि से पहले सड़क की मरम्मत नहीं होने से प्रशासन द्वारा सड़क पर टाट के बोरे बिछवाए गए हैं, ताकि पदयात्रियों को चलने में परेशानी ना हो। वहीं सड़क की साफ-सफाई भी समय-समय पर की जा रही है।
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