नक्सलियों की बदली रणनीति से फारेस्ट और हेल्थ वर्कर खौफजदा… एक महीने में नक्सलियों ने मचाया ताण्डव, जवानों के अलावा सरकारी अमले को भी बनाया निशाना
पंकज दाऊद @ बीजापुर। जिले में अब तक पुलिस और इनके मुखबिर ही नक्सलियों के निशाने पर थे लेकिन नक्सलियों की हालिया रणनीति से वन और स्वास्थ्य महकमे के लोग भी अब खौफ खाने लगे हैं। इसका सीधा असर मैदानी स्तर के कामकाज पर पड़ता दिख रहा है।
बता दें कि पिछले एक माह में नक्सलियों ने जिले में ताण्डव मचा रखा है। अज्ञात लोगों से मिली धमकी से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी खौफ में हैं और वे इसके हल के लिए अफसरों से गुहार लगा रहे हैं।
गंगालूर एरिया के कई गांवों के लोगों ने 8 एवं 15 सितंबर को विशाल रैली निकालकर सीएमएचओ डाॅ बीआर पुजारी के अलावा चेरपाल पीएचसी और गंगालूर सीएचसी के डाॅक्टरों को हटाने की मांग की। इससे इस क्षेत्र में मैदानी स्तर पर सेवा दे रहे हेल्थ वर्कर्स में काफी भय है।
पता चला है कि इस बारे में इलाके के स्वास्थ्य कर्मियों ने आला अफसरों से चर्चा भी की लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला।
इस बारे में जिले के एक आला पुलिस अफसर का कहना है कि नक्सलियों की ये रणनीति समझ से परे है। फोर्स की मुखालफत तो समझ आती है लेकिन सिविलयन खासकर वन एवं स्वास्थ्य महकमे को टारगेट करने का मकसद साफ नहीं है।
पुलिस अफसर का कहना है कि गिरती साख और पुलिस की ओर लोगों के खिंचाव से नक्सली बौखला गए हैं। इसी बौखलाहट में वे बेकसूर लोगों की जान पुलिस मुखबिरी के नाम पर ले रहे हैं ताकि उनका खौफ बरकरार रहे।
इन जवानों ने दी शहादत
एक माह में नक्सलियों ने 4 जवानों की हत्या कर दी। कुटरू थाने में पदस्थ एएसआई कोरसा नागैया का नक्सलियों ने 30 अगस्त को रास्ते से तब अपहरण कर लिया था जब वे बाइक से दंतेवाड़ा जा रहे थे। थाने से कोई 5 किमी पहले उनकी हत्या कर दी।
इस वारदात से एक सप्ताह पहले ही कुटरू के साप्ताहिक बाजार में नक्सलियों ने एक सहायक आरक्षक की हत्या की थी। बेदरे थाने में पहले पदस्थ और फिर बर्खास्त सिपाही की हत्या कर दी।वहीं नए पुलिस लाइन से बाहर निकले सीएएफ के जवान मन्नूलाल का नक्सलियों ने पहले अपहरण किया और 5 दिन बाद 18 सितंबर को उसकी हत्या कर दी।
नक्सलियों ने इसके पहले मिरतूर के पास बेचापाल के एक सेल्समैन राजू को भी मौत के घाट उतार दिया था। वहीं भैरमगढ़ अभयारण्य के रेंजर रथराम पटेल की नक्सलियों ने 11 सितंबर को तब हत्या कर दी जब वे भुगतान करने गए थे।
पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा मार डाला
नक्सलियों ने बैलाडिला पहाड़ी से लगे गंगालूर थाना क्षेत्र के हिरोली गांव में पुसनार और मेटापाल गांवों के चार लोगों को 4 सितंबर को पुलिस मुखबिरी के आरोप में मार डाला। इनमें से एक ही का शव पुलिस ने बरामद किया।
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वहीं सप्ताहभर पहले गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का गांव में नक्सलियों ने इसी आरोप पर सावनार और कोरचोली के चार लोगों की हत्या कर दी। 21 सितंबर को बासागुड़ा थाना क्षेत्र के पुतकेल में नक्सलियों ने एक किसान दासर रमन्ना की भी हत्या की।
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