महफूज़ अहमद @ खबर बस्तर। दंतेवाड़ा उपचुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम द्वारा पूर्व आईएएस व भाजपा नेता ओपी चौधरी पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते चौधरी ने सोशल मीडिया पर मरकाम से 7 सवाल पूछे हैं।
भाजपा नेता चौधरी ने इन 7 सवालों के जरिये कांग्रेस सरकार आने के बाद दंतेवाड़ा में हुए प्रशासनिक फेरबदल को भाई भतीजावाद से जोड़कर कटाक्ष किया है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को चुनौती देते कहा है कि वे अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों का जवाब देने तैयार हैं, बशर्ते पहले मरकाम इन सवालों का जवाब दंतेवाड़ा की जनता को दें।
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अपने फेसबुक पेज पर चौधरी ने लिखा है…
आदरणीय कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम जी
नमस्ते!
बस्तर के सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों के लिये मेरे दिल में एक अलग सम्मान है। आपके लिये भी है, लेकिन कल आपका सतही बयान देखकर थोड़ी निराशा हुई। मैंने दंतेवाड़ा प्रशासन में चल रहे कांग्रेस के परिवारवाद पर जब बयान दिया, तो आप मुझ पर व्यक्तिगत आरोपों पर उतर आये।
कांग्रेस सरकार आने के बाद दंतेवाड़ा में परिवारवाद का प्रशासन चलाकर आप लोग, जिस तरह से दंतेवाड़ा के लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, फिलहाल उस पर दंतेवाड़ा उप चुनाव में बहस जरूरी है। इस पर मैं आपसे 7 सवाल पूछना चाहता हुँ।
1. आप दंतेवाड़ा और प्रदेश की जनता जनार्दन को बताइये कि क्या कांग्रेस सरकार आने के बाद बनाये गये दंतेवाड़ा कलेक्टर महोदय,मुख्यमंत्री जी के रिश्तेदार नहीं हैं?
2. आप बताइये कि क्या कांग्रेस सरकार आने के बाद नियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कर्मा जी कर्मा परिवार के रिश्तेदार नहीं हैं?
3. आप लोगों को बताइये कि क्या कांग्रेस सरकार आने के बाद नियुक्त जिला मिशन समन्वयक,सर्व शिक्षा अभियान श्री श्याम लाल सोरी जी कर्मा परिवार के दामाद नहीं हैं?
4. एजुकेशन सिटी जावंगा,दंतेवाड़ा में हिंसा प्रभावित बच्चों के लिये निर्मित ‘आस्था’ में कांग्रेस सरकार के आने के बाद दीपक कर्मा जी की पत्नी श्रीमती रमा कर्माजी को अधीक्षिका नहीं बना दिया गया? कम से कम दंतेवाड़ा के बच्चों के भविष्य के साथ तो खिलवाड़ मत कीजिये। स्थानीय गांव जावंगा के प्रतिनिधि श्री बोमड़ा राम कवासी जी, जिनका एडुकेशन सिटी के लिये जमीन देने में बड़ा योगदान रहा, वे भी खुलकर इसका विरोध कर चुके हैं। क्या यह गलत है? जवाब दीजिये।
5. किस कांग्रेसी नेता की बहु को कांग्रेस सरकार आने के बाद कुआकोंडा का एडिशनल BEO बनाया गया? प्रदेश के लोगों को आप बता दीजिये।दंतेवाड़ा के लोगों को तो पता ही है।
6. आपसे पूछना चाहता हुँ कि कांग्रेस सरकार के आते ही हितावर, कुआकोंडा पोटाकेबिन के वर्षों से अधीक्षक अनुसूचित जनजाति वर्ग के श्री रत्तू राम राना जी को हटाकर कांग्रेसी महाशय श्री अवधेश सिंह जी के बुआ के बेटे श्री शिव सिंह जी को अधीक्षक नहीं बना दिया गया?
7. राजनीति से अलग, आपको अभी मिले फीडबैक के आधार पर दिल पर हाथ रखकर बोलिये कि क्या कांग्रेस के 8 महीनों में दंतेवाड़ा में विकास को ग्रहण लगने से लोग त्राहिमाम नहीं कह रहे हैं?
दंतेवाड़ा में उप चुनाव हैं। आप दंतेवाड़ा से संबंधित मेरे इन 7 सवालों का जवाब दे दीजिये, फिर मेरे ऊपर लगाये गये व्यक्तिगत आरोपों पर दंतेवाड़ा के एजुकेशन सिटी के सामने जावंगा गांव में पब्लिक के सामने आप के साथ वन टू वन डिबेट हेतु तैयार हुँ। स्थानीय लोगों ने स्वयं से माइक टेंट की व्यवस्था का वादा किया है।
अदना सा व्यक्तित्व: ओपी चौधरी
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इधर, चौधरी के इस पलटवार को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। उनके इस पोस्ट पर कई लोगों के कमेंट्स आ रहे हैं।
बता दें कि ओपी चौधरी दंतेवाड़ा में कलेक्टर रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में जिले में एजुकेशन सिटी की नींव रखी गई। इसके अलावे लाइवलीहुड कालेज, ‘छू लो आसमान’ जैसी कई परियोजनाओं ने दंतेवाड़ा की तस्वीर बदलने का काम किया। हालांकि, उनपर जमीन घोटाले के आरोप भी लगे।
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बहरहाल, आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देकर राजनीति में किस्मत आजमाने वाले चौधरी आज भाजपा के स्टार प्रचारक हैं और उन्हें पार्टी ने दंतेवाड़ा उपचुनाव में अहम जिम्मेदारी देकर यहां भेजा है।
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